26 जुलाई 2012, 19:33

दलित नेता मायावती की मूर्त्ति के हाथ और सिर काटा

दलित नेता मायावती की मूर्त्ति  के हाथ और सिर काटा

गुरुवार को कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने उत्तरप्रदेश की राजधानी लखनऊ में अंबेडकर सामाजिक परिवर्तन स्थल पर लगी पूर्व मुख्यमंत्री

गुरुवार को कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने उत्तरप्रदेश की राजधानी लखनऊ में अंबेडकर सामाजिक परिवर्तन स्थल पर लगी पूर्व मुख्यमंत्री मायावती की मूर्त्ति को तोड़ दिया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार आज दोपहर में कुछ अज्ञात लोगों ने बसपा नेता मायावती की मूर्त्ति पर बड़े हथौड़े से ताबड़-तोड़ प्रहार करके प्रतिमा का सिर तथा दोनों हाथ तोड़ डाले।

तथाकथित उत्तर प्रदेश नवनिर्माण सेना ने इस कुकृत्य की ज़िम्मेदारी ली है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष अमित जानी ने कहा मायावती की मूर्तियां कलंक हैं। इनको तत्काल तोड़ देना चाहिए। जिस महिला ने उत्तर प्रदेश के 20 करोड़ लोगों को तानाशाह की तरह लूटा, उसकी मूर्त्ति यां खड़ी नहीं रहनी चाहिए। इस घटना से नाराज़ बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने इसे समाजवादी पार्टी (सपा) के कार्यकर्ताओं द्वारा की गई हरकत बताया है।

लेकिन उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस वारदात की निंदा करते हुए कहा कि यह कृत्य प्रदेश के वातावरण को दूषित करने का सुनियोजित प्रयास है और इसके दोषी लोगों के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई होगी

इस बीच, राज्य विधानसभा में बसपा तथा विपक्ष के नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने इस घटना को शर्मनाक करार देते हुए कहा सरकार की मर्ज़ी के बग़ैर इतनी बड़ी घटना नहीं हो सकती। यह सब कुछ सरकार का ही किया-धरा है। हमें पता लगा है कि सपा के कार्यकर्ताओं ने ही इस वारदात को अंजाम दिया है। मौर्य ने आगाह किया कि देश के तमाम दलितों में गुस्से का उबाल आने से पहले प्रदेश सरकार समय रहते तत्काल मायावती की तोड़ी गयी मूर्त्ति को ठीक नहीं कराती है तो इसके बहुत बुरे परिणाम होंगे और इसका खमियाजा राज्य सरकार को भुगतना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि बसपा अध्यक्ष ने पार्टी कार्यकर्ताओं से संयम बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।

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